रामायण: लक्ष्मण का जीवन परिचय (भाग 1)
(तीन भागों में......)
भाग..1
त्रेता युग में जब भगवान विष्णु ने श्रीराम के रूप में राजा दशरथ के घर जन्म लिया तब शेषनाग ने भी उनके छोटे भाई लक्ष्मण (Laxman Ka Avtar) के रूप में जन्म लिया था। लक्ष्मण की माता का नाम सुमित्रा था। लक्ष्मण को कई अन्य नामों (Lakshman Ka Dusra Naam Kya Hai) जैसे कि लखन, सुमित्रानंदन, सौमित्र, रामानुज के नाम से भी जाना जाता हैं। लक्ष्मण का चरित्र संपूर्ण रामायण (Essay On Lakshman In Hindi) में ऐसा हैं कि उन्होंने हर पथ पर अपने भाई श्रीराम का साथ दिया तथा इसके लिए उन्होंने अपने सुख-सुविधा का भी ध्यान नही दिया। उन्होंने एक छोटे भाई होने के उच्च आदर्श स्थापित किये थे। आज हम लक्ष्मण के जन्म से लेकर उनके समाधि लेने तक की कथा को जानेंगे।
लक्ष्मण का जीवन परिचय (Laxman Story In Hindi)
लक्ष्मण का जन्म (Lakshman Ka Janam Kab Hua Tha)
जब अयोध्या नरेश दशरथ के घर भगवान श्रीराम का माता कौशल्या के गर्भ से जन्म हुआ तब लक्ष्मण ने दशरथ की तीसरी पत्नी माता सुमित्रा (Laxman Ki Maa Ka Naam Kya Tha) के गर्भ से जन्म लिया। माता सुमित्रा के दो बच्चे हुए थे जिनमे लक्ष्मण बड़े थे तथा शत्रुघ्न छोटे। इसके अलावा दशरथ की दूसरी पत्नी से भरत का जन्म हुआ था। सभी भाइयो में श्रीराम सबसे बड़े थे तथा लक्ष्मण का शुरू से ही अपने भाई श्रीराम से बहुत लगाव था।
लक्ष्मण की शिक्षा (Laxman Ki Shiksha)
विद्या ग्रहण करने की आयु हो जाने पर लक्ष्मण को श्रीराम व अन्य भाइयों सहित महर्षि वशिष्ठ के गुरुकुल में भेज दिया गया। वहां जाकर कई वर्षों तक लक्ष्मण ने अपने भाई श्रीराम के साथ ही विद्या ग्रहण की व सभी संस्कारो का पालन किया।
ब्रह्मर्षि विश्वामित्र के साथ जाना (Lakshman And Vishwamitra In Hindi)
शिक्षा पूर्ण होने के पश्चात सभी भाई वापस अयोध्या आ गए। कुछ दिनों के पश्चात ब्रह्मर्षि विश्वामित्र राजा दशरथ से सहायता मांगने आए (Laxman History In Hindi) व राक्षसों का वध करने श्रीराम को अपने साथ ले जाने को कहा। दशरथ ने इसकी आज्ञा दे दी लेकिन लक्ष्मण अपने भाई को अकेले जाने देने को तैयार नहीं थे। इसलिये वे भी अपने भाई श्रीराम के साथ गए। वहां जाकर लक्ष्मण ने श्रीराम की ताड़का, सुबाहु व मारीच से युद्ध करने में सहायता की।
लक्ष्मण का उर्मिला से विवाह (Lakshman And Urmila In Ramayana)
विश्वामित्र जी के आश्रम को राक्षसों से मुक्त करवाने के पश्चात लक्ष्मण अपने भाई श्रीराम के साथ मिथिला गए जहाँ माता सीता का स्वयंवर होना था। वहां श्रीराम ने विश्वामित्र के आदेशानुसार स्वयंवर में भाग लिया तथा विजयी रहे। श्रीराम का माता सीता के साथ विवाह होने पर लक्ष्मण ने भी माता सीता की छोटी बहन उर्मिला (Lakshman And Urmila In Hindi) के साथ विवाह कर लिया।
लक्ष्मण का श्रीराम के साथ वनवास में जाना (Ram Lakshman Vanvas Ramayan)
लक्ष्मण का अपने भाई श्रीराम के प्रति प्रेम किसी से भी छुपा नही है। श्रीराम के विवाह के कुछ दिनों के पश्चात दशरथ ने श्री राम के राज्याभिषेक की घोषणा कर दी थी। यह सुनकर लक्ष्मण बहुत उत्साहित थे तथा उत्सव की तैयारियां कर रहे थे किंतु अगले दिन उन्हें ज्ञात हुआ कि महाराज दशरथ ने कैकेयी को दिए वचन के अनुसार भरत के राज्याभिषेक करने का निर्णय लिया हैं तथा श्रीराम को चौदह वर्ष का कठोर वनवास सुनाया गया हैं।
अपने भाई श्रीराम का यह अपमान देखकर लक्ष्मण क्रोधित हो उठे तथा अपने ही पिता के समक्ष विद्रोह पर उतर आये थे। वे तो दशरथ के साथ युद्ध कर उनसे अपने भाई के लिए राज्य लेने पर भी उतारू हो गए थे लेकिन श्रीराम के समझाने पर वे शांत हो गए थे।
लक्ष्मण ने श्रीराम को वनवास में जाने से बहुत रोका (Laxman Charitra In Hindi) लेकिन जब उन्हें अहसास हो गया कि श्रीराम वनवास में जाएंगे ही तो उन्होंने अपने भाई व भाभी के साथ वन में जाने के निर्णय लिया।
!! जय श्री राम!!
रामायण संगीत , कर्म का दर्शन प्यारा।
धर्म ध्वजा को गगन, सत्य की रसमय धारा।
!! जय श्रीराम वंदन अभिनंदन आदर सत्कार अभिनंदन सुस्वागतम भरामायण: लक्ष्मण का जीवन परिचय

